Glass in Hindi कांच (kaanch) का निर्माण

कांच (kaanch) का निर्माण-Glass in Hindi ,Hindi Meaning Glass, कांच का अविष्कार , कांच के रंग  प्रयुक्त होने वाले रसायन  आदि जैसे विभिन्न जानकारी को जानने का प्रयास करेंगे 

Kaanch- Glass कांच का इतिहास या खोज – कांच के खोज के बारे में एतिहासिक रूप से मिश्र में 3500 ईसा पूर्व खोजा गया है ऐसा माना जाता है परन्तु आधुनिक विज्ञान के अनुसार 1903 में एड्वर्ड बेनेडिक्ट को इसके शिल्पकार के रूप में जाना जाता है इसके आलावा रुडोल्फ सिएदेन, जॉन क्रू का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है ।

कांच- Glass in Hindi-Hindi Meaning Glass

हमारे दैनिक जीवन में बहुत सी वस्तुएं कांच की बनी होती हैं, जैसे कांच के गिलास, बिजली के बल्ब, खिड़की के कांच, लेन्स, प्रयोगशाला के उपकरण जैसे परखनली, बीकर फ्लास्क इत्यादि ।
कांच कोई विशेष योगिक नहीं है । यह सिलिका व धात्विक सिलिकेटो का मिश्रण है इसका संघटन निश्चित नहीं है इसलिए इसे किसी एक सूत्र से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। फिर भी इसका सामान्य सूत्र निम्न है।

xR2O.yMO.6SiO2

जहां-R= क्षार धातु N तथा K
M= द्विसंयोजक धातु Pb तथा Ca
x व y= अणुओं की संख्या


कांच एक ऐसा द्रव है जिसे अत्यधिक ठंडा किए जाने पर पारदर्शक ठोस के समान दिखाई देता है। थार्प ने कांच को निम्न प्रकार परिभाषित किया है।
“कांच( Glass in Hindi) यह धात्विक सिलिकेटों का जिसमें क्षार धातु के सिलिकेट होना आवश्यक है, अक्रिस्टलीय पारदर्शक या अल्प पारदर्शक मिश्रण है।

कांच का औद्योगिक निर्माण (Manufacture of Glass in Hindi)


Glass कांच का औद्योगिक निर्माण या उत्पादन निम्न पदों में किया जाता है।
कांच के निर्माण में उपयोग होने वाले पदार्थ:-कांच के निर्माण में उयोग होने वाले विभिन्न पदार्थ निम्नलिखित है।

  1. सिलिका– क्वार्ट्ज, सफेद रेत या साधारण रेत के रुप में।
  2. क्षार धातु– सोडियम कार्बोनेट, साल्ट केक (थाड़े कार्बन के साथ मिश्रित) या पोटेशियम कार्बोनेट के रुप में।
  3. द्विसंयोजक धातु– कैल्सियम चूने का पत्थर या खड़िया के रुप में, Pb, लिथार्ज (PbO) या रेड लेड (सिन्दूर) Pb3O4
  4. ऑक्सीकारक या रंग उड़ाने वाले पदार्थ (विरंजक)- मैग्नीज डाइऑक्साइड (MnO2) पोटेशियम नाइट्रेट (KNO3) या सोडियम नाइट्रेट (NaNO3)|
  5. कलेट– कांच के टूटे हुए टुकड़े।
  6. विशिष्ट रंग देने वाले पदार्थ– कांच में इच्छित रंग देने के लिए विभिन्न यौगिकों का उपयोग किया जाता है।
मिलाये  जाने वाले पदार्थ उत्त्पन्न रंग 
क्यूप्रस ऑक्साइड सेलेनियम ऑक्साइडलाल
कोबाल्ट ऑक्साइडगहरा नीला
क्रोमिक ऑक्साइड क्यूप्रिक आक्साइडहरा
मैंग्नीज या निकिल ऑक्साइडबैंगनी

कैडमियम सल्फाइड
पीला

कांच का निर्माण -Manufacture of Glass

कांच का निर्माण निम्नलिखित तीन पदों में पूर्ण होता है-
कच्चे माल का संगलन (Fusion of Raw Materials)- कांच के निर्माण में काम आने वाले पदार्थ को उचित मात्रा में मिलाकर (रेत, चूना पत्थर और धोने का सोडा ) बारीक पीस लिया जाता है तथा इस पिसे हुए मिश्रण में कांच के कुछ टूटे-फूटे टुकड़े (कॅलेट-Cullet) मिला देते हैं।

इस प्रकार प्राप्त यह मिश्रण बैच (Batch) कहलाता है। इस मिश्रण को पात्र भट्ठी (Pot Furnace) के पात्रों में या हौज भट्ठी (Tank Furnace) में भरकर वायु अंगार गैस द्वारा लगभग 1400°C तक गर्म करते हैं कांच के टूटे टुकड़े मिलाने से व्यर्थ पड़ा कांच तो काम आ ही जाता हैं। साथ ही कांच बनने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत अच्छी तरह पूर्ण होती है और पदार्थो का मिश्रण शीघ्रता से गल जाता है।

साधारण कांच यदि Na2O.CaO.6SiO2से प्रदर्शित किया जाय तो भट्ठी में होने वाली
अभिक्रिया निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है ।
Na2CO3 + CaCo3 + 6SiO2Na2O.CaO.6SiO2 +2CO2
सोडियम कार्बोनेट सिलिका या
CaCo3 + 6SiO2 → CaSiO3 +CO2
कैल्शियम कार्बोनेट कैल्सियम सिलिकेट
Na2CO3 + SiO2Na2SiO2 + CO2
सोडियम सिलिकेट
जब तक कार्बन डाइऑक्साइड के बुलबुले रहते हैं, तब तक गरम करते रहते हैं । कांच बनाने की यह प्रक्रिया अति धीमी है और इसे पूरा होने में काफी समय लगता है।

Glass Product-Annealing- Coloring

  1. पिघले हुए कांच से विभिन्न वस्तुओं का निर्माण – अनुभवी ग्लास ब्लोअर (Glass Blower) अपनी फूंकनी (blow pipe) के सिरे पर पिघले हुए कांच की उपयुक्त मात्रा लेकर सांचे में रखकर धीरे-धीरे फूंक मारकर इच्छित रुप और इच्छित आकार की वस्तुएं तैयार कर लेता है आजकल
    बड़े-बड़े कारखानों में यह कार्य मशीनों द्वारा होता है। परन्तु छोटे-छोटे उपकरण और छोटी-छोटी वस्तुएं फूंकने की पुरानी विधि द्वारा ही तैयार की जाती है।
  2. कांच की वस्तुओं का तापानुशीतन (Annealing)- इस प्रकार प्राप्त कांच की बनी वस्तुएं तापक्रम के परिवर्तन से टूट सकती है। इनकी सहनशक्ति को बढाने के लिए इन्हें ऐसे गर्म कक्षकों में ले जाते हैं जिनका तापक्रम धीरे-धीरे कम हो रहा हो इस क्रिया को तापानुशीलन (Annealing) कहते है।
  3. रंग देना (Colouring)– पिघले हुए कांच में विशेष लवण मिलाने से इच्छित रंग दे सकते हैं, जैसे:-
    CoO कोबाल्ट ऑक्साइड –नीला रंग
    CrO3क्रोमियम ऑक्साइड -हरा रंग
    कांच -धात्विक सिलिकेटों का मिश्रण है जिसका सूत्र -है जहाँ R-क्षार धातु , M-द्विसंयोजक धातु तथा x व y अणुओं की संख्या है

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