छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

छत्तीसगढ़  की प्रमुख नदियाँ छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

भौगोलिक सरंचना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य को मुख्यतः चार नदी कछारों में बांटा जा सकता है,जिसमें प्रदेश की नदियाँ सम्मिलित है।छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँछत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ .

प्रवाह तंत्र छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

1 गंगा नदी प्रवाह तंत्रइस प्रवाह तंत्र में प्रदेश का 13 . 76 प्रतिशत क्षेत्र आता है। कन्हार ,रिहन्द बनास इसकी प्रमुख नदियाँ है।

2 महानदी प्रवाह तंत्र -इस प्रवाह तंत्र में प्रदेश का 55 . 51 प्रतिशत क्षेत्र आता है। इसका विस्तार मुख्यतः धमतरी ,महासमुंद ,राजनांदगांव ,कवर्धा राजिम ,जांजगीर ,चाम्पा एवं रायगढ़ जिलों के अंतर्गत आता है। महानदी इसकी प्रमुख नदी है तथा इसकी सहायक नदियाँ शिवनाथ ,हसदो ,बोरई मांड , ईब ,पैरी ,कैलो ,शंख ,छोटी सोन ब्रम्हांणि आदि।

3 गोदावरी प्रवाह तंत्र-इसके अंतर्गत प्रदेश का 30.27 प्रतिशत भाग आता है। प्रमुख नदियां इंद्रावती सबरी,तालपेरू एवं चिंतावक आदि।

4 नर्मदा प्रवाह तंत्र-इस प्रवाह तंत्र में प्रदेश का 1. 44 प्रतिशत भाग ही आता है । उत्तरी कवर्धा में बंजर नदी ही यहाँ प्रमुख है।

प्रमुख नदियाँ

 महानदी-छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा कही जाने वाली महानदी को चित्रोत्पला अथवा कनक नंदिनी भी कहते है।यह नदी धमतरी के सिहावा पर्वत निकलकर राजिम होती हई बलौदा बाजार की उत्तरी सीमा तक जाती है और अंत में उडीसा के कटक में एक विशाल डेल्टा बनाती हुई बंगाल की खाडी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई 864 किमी है जिसमें प्रदेश में 286 किमी है इसके तट पर बसे प्रमख नगरों में शिवरीनारायण राजिम ,दुर्ग है।





शिवनाथ-महानदी की बड़ी सहायक नदी का उद्गम अंबागढ़ चौकी तहसील के 625 मी. ऊँची पानाबरस पहाडी क्षेत्र से हुआ है।यह नदी राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर तथा जांजगीर चांपा जिलों में होते हए महानदी में मिल जाती है।

इंद्रावती -यह नदी बस्तर संभाग की सबसे बड़ी नदी है इसका उद्गम स्थान उड़ीसा के कालाहान्डी जिले में है।यह बीजापुर जिले के भद्रकाली में गोदावरी नदी में मिल जाती है। यह जगदलपुर शहर से होकर गुजरती है।

 हसदो

 हसदो-यह महानदी की दूसरी बड़ी सहायक नदी है। यह नदी कोरिया जिले के सोनहट तहसील में स्थित देवगढ की पहाड़ियों से निकलकर कोरिया, कोरबा, जांजगीर-चांपा जिलों में होते हुए महानदी में शिवरीनारायण में मिलकर पवित्र संगम बनाती है। इस नदी पर कोरबा जिले में हसदेव बागो परियोजना निर्मित है।

रिहंद-इसका उद्गम अंबिकापुर की मतिरिंगा पहाड़ी से हुआ है यह सरगुजा जिले में दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होते हए उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन के समीप सोन नदी में मिल जाती है।

 कन्हार-इसका उद्गम बगीचा तहसील की बखौना चोटी से हुआ है। यह जशपुर-सरगुजा में प्रवाहित होकर छत्तीसगढ़, झारखण्ड की सीमा बनाते हुए उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले में जाती है। 

मॉड-यह नदी अंबिकापुर जिले के मैनपाट से निकलती है एवं सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा जिलों में उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होते हुए जांजगीर जिले की सीमा पर चंदपुर के समीप महानदी में मिल जाती है।

 अरपा-इस नदी का उद्गम बिलासपुर जिले के पेड़ा लोरमी के पठार में स्थित पहाड़ी से हुआ है। इसका प्रवाह बिलासपुर जिले में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण की ओर होते हुये शिवनाथ नदी में मिल जाती है। उसकी सहायक नदी खारून पर रतनपुर के पास खूंटाघाट नामक जलाशय का निर्माण किया गया है।

सबरी-इस नदी का उद्गम उड़ीसा के कोरापुट जिले से हुआ है। यह गोदावरी की दूसरी बड़ी सहायक नदी है जो सुकमा से प्रवाहित होकर, गोदावरी में मिल जाती है।

 हांप-शिवनाथ की सहायक इस नदी का उद्गम कवर्धा जिले के कांदावाड़ी पहाड़ी से हुआ है। इसका प्रवाह कवर्धा एवं दुर्ग जिलों में दक्षिण से उत्तर की ओर होता है। 

 पैरी

 पैरी-महानदी की सहायक नदी, जिसका उद्गम रायपुर जिले की बिंद्रा नवागढ़ के समीप लगभग 500 मी. ऊँची भातृगढ़ पहाडी से हुआ है। यह नदी उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बहती हुई राजिम में महानदी में मिल जाती है। 

ईव -इस नदी का उद्गम जशपुर जिले में बगीचा तहसील के पाण्डरापार में रानीझूला नामक स्थल से हुआ है। छत्तीसगढ़ व उड़ीसा में बहने वाली 202 किमी. लंबी इस नदी की रेत में सोने के कण पाये जाते है।

 मनियारी-यह नदी लोरमी पहाड़ से निकलती है, जो बिलासपुर जिले में स्थित है। यह मुख्यत बिलासपुर तथा मुंगेली तहसील की सीमा बनाती हुई प्रवाहित होती है। 

लीलागर-इस नदी का उद्गम कोरबा की पूर्वी पहाड़ी है, जो बिलासपुर एवं जांजगीर जिलों की सीमा बनाती हुई शिवनाथ में मिल जाती है।

 तांदुला-यह नदी छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के उत्तर में स्थित पहाड़ियों द्वारा निकलती है। यह नदी शिवनाथ की प्रमुख नदी है। छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

 खारुन -यह नदी महानदी की सहायक नदी है। इसका उद्गम दुर्ग जिले की बालोद तहसील के सजादी क्षेत्र से निकलती है तथा यह शिवनाथ नदी में मिलती है।छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

कोटरी -यह इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी है। इसका उद्गम राजनांदगांव की मोहला तहसील में हुआ है ।छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियाँ

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