Budget Meaning and Definition in Hindi-बजट एवं राजस्व

बजट क्या है Budget Meaning and Definition in Hindi बजट एवं राजस्व, बजट के प्रकार ,शब्दावली,कर के प्रकार,बजट के मूलभूत सिद्धांत,कटौती प्रस्ताव की जानकारी
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Budget Definition and Meaning in Hindi-बजट क्या है 

. बजट सरकार की राजस्व नीति का एक व्यवहारिक रूप है।
.बजट सामान्यतः फ्रांसीसी शब्द बूजे का संशोधित रूप है जिसका अर्थ होता है चमड़े का एक छोटा बैग या थैला।
.1733 में इग्लैंड में इस शब्द का प्रयोग जादू के पिटारे के अर्थ में किया गया।
.1803 में फ्रांस में बजट शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किया गया।
बजट सरकार की आय एवं व्यय का एक विवरण प्रपत्र है। जिसमें विगत वर्ष की आय एवं व्यय के अनुमानों का वार्षिक वित्तिय विवरण प्रपत्र होता है।
भारत में बजट की अवधारणा 1860 में लार्ड कैनिंग के काल में जेम्स विल्सन के द्वारा प्रस्तुत किया गया।
India में 1968 से Performense Budget की अवधारण शुरू हुई। (प्रथम प्रशासनिक आयोग की सिफारिश पर)
भारत में बजट सामान्यतः निम्नलिखित अनुमानों को व्यक्त करता है

  1. विगत वर्ष के वास्तविक अनुमान
  2. चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान
  3. चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान
  4. अगामी वर्ष के प्रस्तावित बजट अनुमान
    Budget Meaning and Definition in Article• संविधान के अनुच्छेद 112 के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए जो 01 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है, केन्द्र सरकार की अनुमानित प्राप्तियों तथा व्ययों का एक विवरण पार्लियामेंट के सामने रखना आवश्यक होता है। इस वार्षिक विवरण को केन्द्र सरकार की बजट कहा जाता है। इस प्रकार भारत में बजट प्रस्तुतीकरण का संबंध तीन वर्षों के आकड़ों से होता है।
    राज्य सरकारों की बजट के संबंध में व्यवस्था अनुच्छेद 202 में दी गई है।

बजट पेश

राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित तिथि पर लोकसभा में बजट पेश की जाती है।
परंपरागत रूप में प्रत्येक वर्ष के अंतिम कार्य दिवस पर बजट लोकसभा तथा राज्यसभा में पेश की जाती है।
जिस दिन बजट पेश की जाती है, उस दिन बजट पर कोई बहस नही होती


स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवम्बर 1947 को, पहले वित्तमंत्री आर. के. षणमुखम् शेट्टी द्वारा पेश किया गया। यह बजट 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक साढ़े सात माह की अवधि के लिए था।
जॉन मथाई को वर्ष 1950 में गणतंत्र भारत का पहला केन्द्रीय बजट पेश करने का गौरव हासिल हुआ।


अंग्रेजों ने भारत के लिए बजट पेश करना शुरू किया तो उसके लिए शाम के 05 बजे का समय रखा गया था, लेकिन 1999 में राजग सरकार के वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने को समय दिन के 11 बजे कर दिया।

Budget Meaning and Definition in Hindi
Budget- शब्दावली

बजट घाटा = कुल व्यय – कुल आय
राजकोषीय घाटा= बजट घाटा + उधार एवं देयताएँ
.राजस्व घाटा=राजस्व आय- राजस्व व्यय
.प्राथमिक घाटा=राजकोषीय घाटा – ब्याज
मौद्रिकृत घाटा=आरबीआई के शुद्ध देयताओं में वृद्धि
व्यय-कुल व्यय = राजस्व व्यय + पूंजीगत व्यय
राजस्व व्यय =योजनागत व्यय + गैर योजनागत व्यय
पूंजीगत व्यय =योजनागत व्यय + गैर योजनागत व्यय
. आय-कुल आय = राजस्व आय + पूंजीगत आय
राजस्व आय =कर राजस्व + गैर कर राजस्व
पूंजीगत आय = P.E, Mutural Fund, Fixed Deposite, LIC, पेंशन, बीमा आदि से प्राप्त आय
राजस्व आय – वह आय जिसका संबंध केवल उसी वित्तीय वर्ष से होता है।
पूंजीगत आय – वह आय जिसका संबंध उस वित्तीय वर्ष के साथ-साथ आने वाले अन्य वित्तीय वर्षों के साथ भी होता है।
उदा.- यदि कोई व्यक्ति जमीन खरीदता है, वह उसकी पूंजीगत आय है, परन्तु उस जमीन पर फसल उगाकर लाभ कमाना उसकी राजस्व आय है।

राजस्व घाटा -राजस्व व्यय- राजस्व आय

राजस्व व्यय = योजनागत व्यय + गैर योजनागत व्यय
राजस्व आय = कर राजस्व+गैर कर राजस्व
उदा.-
योजनागत व्यय = जैसे रोजगार गारंटी योजना
गैर योजनागत व्यय = व्याज भुगतान
कर राजस्व-जैसे इनकम टैक्स

सेल टैक्स

कॉपोरेशन टैक्स
सभी टैक्स से सरकार को प्राप्त होने वाला आय
. गैर कर राजस्व -टैक्स के भिन्न मद
-सरकारी कम्पनी से होने वाला लाभ
-किसी देश से प्राप्त होने वाला व्याज


कर के प्रकार-


(1) प्रत्यक्ष कर
(2) अप्रत्यक्ष कर
(1) प्रत्यक्ष कर– जब कोई टैक्स सरकार किसी व्यक्ति पर लगाए तथा उस टैक्स का वहन यदि व्यक्ति स्वयं करे, तो इसे प्रत्यक्ष कर कहते हैं।
• इसे Incidence of Tax (करापात) कहते हैं।
• जैसे – इनकम टैक्स, कार्पोरेशन टैक्स आदि।
(2) अप्रत्यक्ष कर-उत्पादक जब विक्रेता से किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से टैक्स प्राप्त करता है, तो इसे अप्रत्यक्ष कर कहते हैं।
• इस प्रकार के कर को Impact of Tax (कराघात) भी कहा जाता है।
सेल टैक्स, सीमा शुल्क, एक्साईस टैक्स इत्यादि।
VAT (मूल्य संवर्धित कर)– जब वस्तु के मूल्य में वृद्धि होती है, और जितने बार होती है तो उस बढ़े हुए मूल्य पर जो टैक्स चुकाया जाता है, उसे वैट कहते हैं।

यदि मूल्य सम्बर्धन न हो, तो टैक्स सम्मिलित नहीं होगा।
• जहां बिक्री कर (Sale Tax) राज्य सरकार का विषय है वहीं वैट भी राज्य सरकार का विषय है। परन्तु पूरे देश भर में वैट एकसमान होगा।
• वैट की तीन दरें होती हैं-1) 0%(2) 4%(3) 12.5%


बजट के प्रकार
– Types Of Budget

Performance Budget– वह बजट, जिसमें बजट को कार्यक्रम क्रियाकलाप परियोजना में वर्गीकृत कर आय-व्यय को व्यक्त किया जाता है। इसमें इनपुट व आउटपुट के मध्य संबंध स्थापित किया जाता है।

परम्परागत बजट- वह बजट, जिसमें धन का आबंटन व्यय के मदवार किया जाता है परन्तु कोई लक्ष्य (Target) नहीं होता है।

शून्य आधारित बजट (Zero Based Budget)- इसमें पिछले व्यय को आधार नहीं माना जाता है। इसमें धन का आबंटन शून्य स धन की उपयोगिता की सीमा तक किया जाता है।

केन्द्रीय बजट में शून्य आधारित बजट को 1983-84 में इन्दिरा गाँधी के कार्यकाल में प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया और इस शून्य आधारित बजट को 1986-87 में राजीव गाँधी के कार्यकाल में अपनाया गया।
. Outcome Budget -2004 में प्रस्तावित

2005 में लागू
वार्षिक बजट प्रणाली नहीं है।
अपने-अपने मंत्रालय द्वारा मध्यावर्ती समय में बजट की जो प्रोग्राम रिपोर्ट संसद में पेश किया जाता है, उसे Outcome Budget कहा जाता है।
Gender Budget-2007 से शुरू
वह बजट, जिसमें आबन्टित धनराशि महिला व पुरुष के लिए पृथक-पृथक कर उनके हिस्सों को रिजर्व करना।
Green Budget वर्ष 2010 से शुरू
विकासात्मक क्रियाकलापों से पर्यावरण को जो क्षति पहुंचाते हैं, उस पर्यावरण के सुरक्षा के लिए धनराशि का आवंटन कर उस राशि को रिजर्व करना।
भारत में Green Accounting शुरू हो गया है।

बजट के मूलभूत सिद्धांत

. भारत में बजट निर्माण का दायित्व वित्त मंत्रालय का होता है।
बजट के क्रियान्वयन का दायित्व प्रशासनिक मंत्रालय का होता है।
• बजट, राष्ट्रपति की अनुमति से ही संसद में पेश होता है।
. बजट दोनों सदनों में एक साथ पेश होता है।
. बजट, फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
• संसद में बजट पाँच (5) चरणों में पारित होता है-
(1) सामान्य चर्चा
(2) अनुदान मांगों पर चर्चा– भारत के केन्द्रीय बजट में कुल 109 अनुदान मांगें होती है, जिसमें से 103 सामान्य बजट के हैं तथा 6 रक्षा बजट का होता है।
(3) विनियोजन विधेयक – ये एक धन विधेयक होता है। इसके पारित होने पर सरकार को संचित निधि से धन निकालने की अनुमति प्राप्त हो जाती है।
(4) वित्त विधेयक– इससे सरकार को राजस्व व आय प्राप्तियाँ होती है। इसके पारित होने पर सरकार को जनता से राजस्व की प्राप्ति होती है।
(5) राष्ट्रपति की स्वीकृति
लेखानुदान– जब किसी वर्ष बजट पारित न हो पाये, तो आगामी वित्त वर्ष के लिये सरकार के धन सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये बजट के कुल व्यय का 1/6वाँ हिस्सा अथवा दो महीने की अग्रिम धनराशि सरकार को प्रदान की जाती है।

Budget Meaning and Definition


कटौती प्रस्ताव

बजट के अनुदान भागों पर चर्चा के दौरान संसद सदस्यों के अनुदान भागों में कटौती के लिए संसद द्वारा जो प्रस्ताव पारित किया जाता है, उसे कटौती प्रस्ताव कहा जाता है। यह तीन प्रकार का होता है-
(01) नीति संबंधी कटौती प्रस्ताव (Policy Cut Motion)-

वह प्रस्ताव, जिसमें धनराशि को कम करके 1 रू. किया जाता है अर्थात् इस कटौती के अन्तर्गत सम्पूर्ण योजना को ही समाप्त
कर दिया जाता है।
(02) मितव्ययता संबंधी कटौती प्रस्ताव (Economic Cut Motion)- इसमें एक निश्चित धनराशि को कम किया जाता है।

(03) सांकेतिक या प्रतीकात्मक कटौती प्रस्ताव (Tocon Cut Motion)
इसमें 100 रू. तक कमी की मांग की जाती है।
इसमें प्रतीक स्वरूप संकेत के द्वारा किसी निश्चित योजना की तरफ ध्यान आकर्षित किया जाता है।
VOTE ON CRADIT- इसे Blank Cheque कहते हैं।
जिस व्यय को सरकार बजट में सम्मिलित नहीं करती है, परन्तु खर्च होने की आशंका से धन का आबंटन Blank Cheque के रूप में रखती है।
राष्ट्रमण्डल देशों का वित्तीय वर्ष प्रारंभ होता है – 1 जनवरी
•ब्रिटेन में प्रारंभ होता है 1 अप्रैल
• अमेरिका में प्रारंभ होता है 1 जुलाई
• ARC – Administrative Return Commission ने यह अनुशंसा की थी, कि भारत का
Finance year 1st November से शुरू होना चाहिए।

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